Narendra modi ki biography

 नरेंद्र मोदी का जीवन परिचय  

Narendra modi ki biography 

नरेंद्र मोदी जो कि हमारे देश के 14 पधानमंत्री प्रधानमंत्री हैं नरेंद्र मोदी जी देश और विदेश में बहुत विख्यात हैं ऐसा माना जाता है कि भारत में सर्वप्रथम प्रधानमंत्री जो सर्वोपरि माना जाता है तथा 2015 में प्रधानमंत्री बनने के बाद वह वह 15वें नंबर के प्रधानमंत्री होो 2019 का लोकसभा चुनाव जीतने के बाद ऐसा लगता है कि मानो दोबारा से भारतीय जनता पार्टी की लहर आ गई भारत की जनसंख्या को लगना चाहिए कि प्रधानमंत्री मोदी कौन है अच्छी तकनीकी एवं देश को अच्छे विकास की ओर ले जाए

नरेंद्र दामोदरदास मोदी



नरेंद्र मोदी जी का जीवन परिचय

नरेंद्र मोदी का नाम।            नरेंद्र दामोदरदास मोदी
अन्य नाम।                        मोदी जी
काम।                              भारतीय नेता
जन्मतिथि।                       17 सितंबर 1950
राजनीतिक पार्टी।             भारतीय जनता पार्टी
जन्म स्थान जन्म।             बड़ा नगर वर्तमान में गुजरात में है
जाति।                          हिन्दू धर्म

ब्लैड ग्रुप।                      A+

पता।                            सेवन रेस रोड नई दिल्ली
योग्यता योग्यता।             पॉलिटिकल साइंस एवं बीए एमए
राशी।                           कानिया
कद।                          5 फिट 7इंच
वजन।                       75 किलोग्राम
वेतन वेतन।                ₹160000 प्रति माह

घर के सदस्यों का परिचय

पिता का नाम                  श्री। दामोदरदास मूलचंद मोदी
 
माता का नाम।                हीरा बैन

भाइयों का नाम।            सोम मोदी पहलाद मोदी पंकज मोदी अमृत मोदी

बहन का नाम           वसंतबेन हसमुखलाल मोदी

नरेंद्र मोदी की पत्नी का नाम  यशोदा बहन चिमनलाल मोदी

नरेंद्र मोदी जी का शुरूआती जीवन जन्म(Early life)

नरेंद्र मोदी जी का जन्म गुजरात राज्य के मेहसाना जिले के एक छोटे टाउन वडनगर में हुआ. जब इनका जन्म हुआ था तब यह बॉम्बे में था किन्तु अब वर्तमान में यह गुजरात में स्थित है. नरेंद्र मोदी जी के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, इनके पिता एक सड़क व्यापारी थे, जिन्होंने अपने परिवार का पालन पोषण करने के लिए काफी संघर्ष किया था. मोदी जी की माता एक गृहणी महिला है. मोदी जी ने बचपन में अपने परिवार का समर्थन करने के लिए अपने भाइयों के साथ रेलवे स्टेशन में और फिर बस टर्मिनल में चाय भी बेची. मोदी जी ने अपने बचपन के दिनों में हीकई कठिनाइयों और बाधाओं का सामना किया था, लेकिन अपने चरित्र और साहस की ताकत से उन्होंने सभी चुनौतियों को अवसरों में बदल दिया. इस तरह से इनका शुरूआती जीवन काफी संघर्षपूर्ण रह


नरेंद्र मोदी के बच्चों का नाम कोई बच्चा नहीं कोई बच्चा नहीं


जिसके कारण उन पर इस दंगे को फ़ैलाने का आरोप लगाया गया था. मोदी जी पर लगाये गये आरोप के चलते उन पर चारों तरफ से दबाव बढ़ गया था, जिसके कारण उन्हें अपने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था. इसलिए मोदी जी का उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री का कार्यकाल केवल कुछ महीनों का ही बस था. फिर सन 2009 में इससे संबंधित सुप्रीमकोर्ट ने एक दल बनाया, जोकि इस मामले की जाँच करने के लिए बनाया गया था. इस दल का नाम एसआईटी था. इस दल ने पूरी तरह से जाँच करने के बाद सन 2010 में सुप्रीम कोर्ट में एक रिपोर्ट पेश की, जिसमें मोदी जी को इस मामले में ग्रीन सिग्नल दे दिया गया. हालाँकि सन 2013 में इस जाँच दल के ऊपर आरोप लगाया गया, कि उन्होंने मोदी जी के खिलाफ मिले सबूतों को छिपाया है.           

दूसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में

जब मोदी जी को कोर्ट से क्लीन चिट मिल गई, तो उन्हें फिर से गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्त कर दिया गया था. मोदी जी के दोबारा गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने राज्य के विकास के लिए कार्य करने शुरू कर दिए. इससे राज्य में काफी परिवर्तन भी आये. उन्होंने गुजरात राज्य में टेक्नोलॉजी और वित्तीय पार्क्स का निर्माण किया. सन 2007 में मोदी जी ने वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन में गुजरात में 6,600 अरब रूपये के रियल स्टेट निवेश सौदों पर हस्ताक्षर किये. इसके बाद इस साल जुलाई में नरेंद्र मोदी जी ने मुख्यमंत्री के रूप में लगातार 2,063 दिन पूरे कर लिए थे, जिसके चलते उन्होंने सबसे अधिक दिनों तक गुजरात के मुख्यमंत्री पद को संभालने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया.

तीसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में 

मोदी जी का यह रिकॉर्ड आगे भी कायम रहा, सन 2007 में हुए गुजरात विधानसभा चुनाव में मोदी जी ने दोबारा जीत हासिल की और वे वहां के तीसरी बार मुख्यमंत्री बन गये. इस कार्यकाल के दौरान मोदी जी ने राज्य में आर्थिक विकास के बारे में अधिक ध्यान दिया, और साथ ही निजीकरण पर भी ध्यान केन्द्रित किया. उन्होंने भारत को आकार देने के लिए ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग एपीसेंटर के रूप में अपनी नीतियों को प्रोत्साहित किया. मोदी जी के मुख्यमंत्री बनने के इस कार्यकाल में गुजरात में कृषि विकास दर में काफी वृद्धि हुई थी. इसकी वृद्धि इतनी थी, कि यह भारत के अन्य राज्यों की तुलना में काफी विकासशील राज्य बन गया था. मोदी जी ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की सप्लाई की व्यवस्था की जिससे कृषि को बढ़ाने में मदद मिली. सन 2011 से 2012 के बीच में मोदी जी ने गुजरात में सद्भावना / गुडविल मिशन शुरू किया. जोकि राज्य में मुस्लिम समुदाय तक पहुंचने के लिए शुरू किया गया था. मोदी जी ने कई उपवास भी किये और उनका मानना था कि यह कदम गुजरात की शांति, एकता और सद्भावना के माहौल को और अधिक मजबूत करेगा.


नरेंद्र मोदी जी के राजनीतिक करियर की शुरुआत (Narendra Modi’s Starting Political Career)

  • अपनी कॉलेज की पढ़ाई के बाद मोदी जी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हो कर फुलटाइम प्रचारक के रूप में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) जोकि एक हिन्दू राष्ट्रवादी राजनीतिक दल हैं में शामिल होने के लिए अहमदाबाद गये.
  • सन 1975 – 77 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाये गये राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में प्रतिबंध लगा दिया गया था. जिसके कारण मोदी जी को उस समय अंडरग्राउंड होने के लिए मजबूर होना पड़ा एवं गिरफ़्तारी से बचने के लिए भेस बदल कर यात्रा किया करते थे.
  • आपातकाल के विरोध में मोदी जी काफी सक्रीय रहते थे. उन्होंने उस समय सरकार का विरोध करने के लिए पर्चे के वितरण सहित कई तरह के हथकंडे अपनाये. इससे उनका प्रबंधकीय, संगठनात्मक और लीडरशिप कौशल सामने आया.
  • इसके बाद नरेन्द्र मोदी राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में राजनीति में शामिल हो गये. इन्हें आरएसएस में लेखन का काम सौंपा गया था.
  • सन 1985 में आरएसएस द्वारा मोदी जी ने भारतीय जनता पार्टी यानि बीजेपी पार्टी में सम्मिलित होने के बारे में सोचा. सन 1987 में नरेंद्र मोदी जी पूरी तरह से बीजेपी में शामिल हो गए, और पहली बार उन्होंने अहमदाबाद नगरपालिका चुनाव में भाजपा के अभियान को व्यवस्थित करने में मदद की, इसमें भाजपा की जीत हुई.

नरेंद्र मोदी जी का राजनीतिक करियर (Narendra Modi’s Political Career)

  • सन 1987 में नरेंद्र मोदी जी का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के बाद रैंक के माध्यम से तेजी से उदय हुआ, क्योंकि वे एक बहुत ही बुद्धिमानी व्यक्ति थे. उन्होंने व्यवसायों, छोटे सरकारी एवं हिन्दू मूल्यों के निजीकरण को बढ़ावा दिया. इसी साल इन्हें पार्टी के गुजरात ब्रांच के महासचिव के रूप में चुना गया.
  • सन 1990 में एल के आडवानी जी की अयोध्या रथ यात्रा के संचालन में मदद करने के बाद पार्टी के भीतर मोदी जी की क्षमताओं को मान्यता मिली, जो उनका पहला राष्ट्रीय स्तर का राजनीतिक कार्य बन गया.
  • उसके बाद सन 1991-92 में मुरली मनोहर जोशी की एकता यात्रा हुई. मोदी जी ने सन 1990 में गुजरात विधानसभा चुनावों के बाद गुजरात में भाजपा की उपस्थिति को मजबूत करने में एक प्रमुख भूमिका निभाई थी.
  • सन 1995 के चुनावों में पार्टी ने 121 सीटें जीतीं, जिससे गुजरात में पहली बार भाजपा की सरकार बनी. पार्टी थोड़ी समय के लिए सत्ता में रही, जो सितंबर 1996 में समाप्त हो गई.
  • सन 1995 में मोदी जी को हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में गतिविधियों को संभालने के लिए भाजपा का राष्ट्रीय सचिव चुना गया, और वे नई दिल्ली में स्थानांतरित हो गए.
  • सन 1998 में जब भाजपा में आंतरिक लीडरशिप विवाद चल रहा था, तब मोदी जी ने उस दौरान भाजपा की चुनाव जीत का मार्ग प्रशस्त किया, जिससे विवादों को सुलझाने में सफलतापूर्वक मदद मिली.
  • इसके बाद इसी साल मोदी जी महासचिव नियुक्त किये गये. इस पद में वे सन 2001 तक कार्यरत थे. उस दौरान मोदी जी को विभिन्न राज्यों में पार्टी संगठन को फिर से लाने की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभाने का श्रेय दिया गया था.

नरेंद्र मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में (Narendra Modi As a Chief Minister of Gujarat)

  • नरेंद्र मोदी जी ने पहली बार सन 2001 में विधान सभा चुनाव लड़ा, और राजकोट में 2 में से एक सीट जीती. जिसके बाद वे गुजरात के मुख्यमंत्री बन गए. दरअसल उस समय केशुभाई पटेल का स्वास्थ्य ख़राब हो गया था और दूसरी तरफ उपचुनाव में भाजपा राज्य की कुछ विधानसभा सीटें हार गई थी. जिसके बाद बीजेपी की राष्ट्रीय लीडरशिप केशुभाई पटेल के हाथ से लेकर मोदी जी को थमा दी गई थी और उन्हें गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार सौंपा गया.
  • 7 अक्टूबर सन 2001 को मोदी जी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की. इसके बाद उनकी एक के बाद एक जीत निश्चित होती चली गई.
  • सबसे पहले उन्होंने 24 फरवरी 2002 में राजकोट के ‘द्वितीय निर्वाचन क्षेत्र’ के लिए उपचुनाव जीता. उन्होंने कांग्रेस के अश्विन मेहता को 14,728 वोटों से हराया.

सन 2002 में गुजरात दंगे में नरेंद्र मोदी को मिली ‘क्लीन चिट ( 2002 Gujarat riots)

नरेंद्र मोदी जी के उपचुनाव जीतने के 3 दिन बाद गुजरात में सांप्रदायिक हिंसा की एक बहुत बड़ी घटना हुई, जिसके परिणामस्वरुप 58 लोगों की हत्या कर दी गई थी. क्योंकि उस समय गोधरा के पास सैकड़ों यात्रियों से भरी एक ट्रेन में जिसमे ज्यादातर हिन्दू यात्री थे, उसमें आग लगा दी गई थी. इस घटना से मुस्लिमों के विरोध में यह घटना हुई थी. जिससे यह पूरे गुजरात में फ़ैल गया. और गुजरात में सांप्रदायिक रूप से दंगे होने लगे. इस दंगे में लगभग 900 से 2,000 लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी थी.

उस दौरान राज्य में मोदी जी की सरकार थी, जिसके कारण उन पर इस दंगे को फ़ैलाने का आरोप लगाया गया था. मोदी जी पर लगाये गये आरोप के चलते उन पर चारों तरफ से दबाव बढ़ गया था, जिसके कारण उन्हें अपने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था. इसलिए मोदी जी का उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री का कार्यकाल केवल कुछ महीनों का ही बस था. फिर सन 2009 में इससे संबंधित सुप्रीमकोर्ट ने एक दल बनाया, जोकि इस मामले की जाँच करने के लिए बनाया गया था. इस दल का नाम एसआईटी था. इस दल ने पूरी तरह से जाँच करने के बाद सन 2010 में सुप्रीम कोर्ट में एक रिपोर्ट पेश की, जिसमें मोदी जी को इस मामले में ग्रीन सिग्नल दे दिया गया. हालाँकि सन 2013 में इस जाँच दल के ऊपर आरोप लगाया गया, कि उन्होंने मोदी जी के खिलाफ मिले सबूतों को छिपाया है.           


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